हम तीनों कृषि कानून बिल वापस ले रहे हैं,मेरी अपील है किसान खेतों में वापस लौट जाएं

नई दिल्ली।

हम तीनों कृषि कानून बिल वापस ले रहे हैं,मेरी अपील है किसान खेतों में वापस लौट जाएं*
मैं देश वासियों से क्षमा मांगते हुए, सच्चे मन से कहना चाहता हूं कि हमारे प्रयास में कमी रही होगी कि हम उन्हें समझा नहीं पाए। आज गुरू नानक जी का पवित्र प्रकाश पर्व है। आज मैं आपको यह बताने आया हूं, कि हमने तीन कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसला किया है। इस महीने के अंत में शुरू होने जा रहे संसद सत्र में तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर देंगे। मेरी किसानों से अपील है कि अपने घर लौटें, खेतों में लौटें।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्र के नाम संदेश दे रहे हैं। कोरोना काल में यह उनका 11वां संबोधन है। इससे पहले उन्होंने 100 करोड़ वैक्सीन डोज लगने पर देश को संबोधित किया था।

पीएम नरेंद्र मोदी ने आज बड़ा ऐलान किया और तीनों कृषि कानूनों को वापस ले लिये। किसानों द्वारा बीते कई महीनों से आंदोलन को देखते हुए सरकार ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसला किया।

पीएम मोदी देश के नाम संबोधन में बोले

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस कानून को खत्म करने प्रक्रिया शीतकालीन सत्र में शुरू हो जाएगी। किसानों से अब घर लौटने अपील करते हुए कहा कि हमारी तपस्या में ही कमी रही होगी, जिसकी वजह से हम कुछ किसानों को नहीं समझा पाएं।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में मैंने किसानों की मुश्किलों, चुनौतियों को बहुत करीब से अनुभव किया है।

सरकार किसानों के लिए समर्पित

किसानों के कल्याण के लिए, खासकर छोटे किसानों के कल्याण के लिए, पूरी सत्य निष्ठा से, किसानों के प्रति समर्पण भाव से, देश के कृषि जगत के हित में, देश के हित में, गांव गरीब के उज्जवल भविष्य के लिए, साफ नीयत से यह कानून लेकर आई थी। आज मैं आपको, पूरे देश को, ये बताने आया हूं कि हमने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का निर्णय लिया है।

उन्होंने कहा कि इस महीने के अंत में शुरू होने जा रहे संसद सत्र में, हम इन तीनों कृषि कानूनों को खत्म करने की संवैधानिक प्रक्रिया को पूरा कर देंगे।

उन्होंने कहा कि इस कमेटी में केंद्र सरकार, राज्य सरकारों के प्रतिनिधि होंगे, किसान होंगे, कृषि वैज्ञानिक होंगे, कृषि अर्थशास्त्री होंगे। उन्होंने कहा कि आज ही सरकार ने कृषि क्षेत्र से जुड़ा एक और अहम फैसला लिया है। जीरो बजट खेती यानि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए, देश की बदलती आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर क्रॉप पैटर्न को वैज्ञानिक तरीके से बदलने के लिए।

पीएम मोदी ने कहा कि एमएसपी को और अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए, ऐसे सभी विषयों पर, भविष्य को ध्यान में रखते हुए, निर्णय लेने के लिए, एक कमेटी का गठन किया जाएगा।

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