सेना का चॉपर क्रैश,11 की मौत की पुष्टि,बेहद दुःखद।

एनडी इंडिया न्यूज़ और सतरंगी दुनिया की टीम इस हादसे पर बेहद अफसोस प्रकट करते हैं और साथ ही जो लोग घायल हैं उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती है।हम दिवंगतो को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।

*ये देश का सबसे दुःखद वायु हादसा है जिसमें देश के पहले CDS बिपिन रावत घायल हुए हैं।*

*14 में से 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है बाकियों की हालत नाजुक बनी हुई है!*

*ये ख़बर पूरे देश के लिए बेहद दुःखद और निराश करने वाली है।*
*बिपिन रावत के घर पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह*

तमिलनाडु के कुन्नूर में बुधवार को वायुसेना का एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसमें चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत अपने स्टाफ, सेना के उच्च अधिकारियों और परिवार के सदस्यों के साथ सवार थे।

हेलीकॉप्टर के अंदर दो पायलट मिलाकर कुल 14 लोग सवार थे। मौके पर मौजूद लोगों ने मलबे में से दो शव निकाले हैं, जो 80 फीसदी तक जले हुए हैं।

हादसा कहां हुआ?
हादसा तमिलनाडु के नीलगिरी जिले में हुआ। यह घने जंगलों वाला इलाका है, इसे ‘क्वीन ऑफ हिल स्टेशन’ भी कहते हैं। कोयंबटूर और सुलूर के बीच हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। सुलूर से इस हेलीकॉप्टर ने उड़ान भरी थी। वायुसेना ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं।

सीडीएस रावत इसमें क्यों सवार थे?
सीडीएस जनरल रावत एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए वेलिंग्टन सशस्त्र बल कॉलेज में गए थे। वहीं से लौटकर कुन्नूर की तरफ आ रहे थे। उनकी पत्नी मधुलिका रावत, उनकी सुरक्षा में तैनात पांच कमांडो और निजी सुरक्षाकर्मी, एक ब्रिगेडियर और एक लेफ्टिनेंट कर्नल भी हेलीकॉप्टर में सवार थे। सीडीएस को कुन्नूर पहुंचने के बाद दिल्ली रवाना होना था।

बचाव अभियान में क्या सामने आया?
अब तक सामने आई जानकारी के मुताबिक, मलबे में से दो शव निकाले गए हैं, जो 80 फीसदी तक जले हुए हैं। बताया जा रहा है कि कुछ शव पहाड़ी इलाके के नीचे भी मौजूद हैं। उनकी पहचान की जा ही है। अब तक तीन लोगों को बचाया चुका है। इनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। मौके पर छह एंबुलेंस मौजूद हैं।

हेलीकॉप्टर कितना भरोसेमंद?
वायुसेना का यह हेलीकॉप्टर एमआई सीरीज का था। इस Mi-17V5 हेलिकॉप्टर में दो इंजन होते हैं। यह वीआईपी चॉपर कहलाता है। वायुसेना लंबे समय से इसका इस्तेमाल करती आई है। जहां कहीं हवाई पट्टी नहीं होती, वहां पर वीआईपी मूवमेंट इसी हेलीकॉप्टर के जरिए होता है।

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