पेट रोग निवारण शिविर के आखिरी दिन लोगों ने लिया जीवन भर योग करने का संकल्प*

*पेट रोग निवारण शिविर के आखिरी दिन लोगों ने लिया जीवन भर योग करने का संकल्प*

आज दिनांक 29 मई दिन रविवार को भारतीय योग संस्थान पीलीभीत द्वारा पांच दिवसीय पेट रोग निवारण शिविर के पाँचवे व अंतिम दिन का शुभारंभ प्रतिदिन की भाँति दीप प्रज्वलित करके किया गया। तत्पश्चात् सूक्ष्म व्यायाम,आसन व प्राणायाम, ध्यान करबाया गया। कुछ साधकों ने शुद्दि क्रियाओं का प्रदर्शन किया जिसमें सूत्र नेती,जल नेती व आई वॉश क्रियाओं को बड़े ही सुन्दर तरीके से किया गया।
ड़ा वीरेंद्र,आयुर्वेदाचार्य ने बताया कि लगभग 15 वर्ष पूर्व योग की जानकारी मिली तब से लगातार योग कर रहा हूँ 79 वर्ष का हो गया हूँ लेकिन कभी कोई समस्या नहीं हुई। आज के भागदौड़ भरी जिंदगी में Hurry,Worry and Curry सबसे बड़ी समस्या हैं। Hurry का मतलब है हम लोग खाना बिना चबाय बहुत जल्दबाजी में खाते हैं।
Worry का मतलब है कि जब हम भोजन करते हैं तो हमारा ध्यान कहीं और होता है। टी वी,मोबाइल आदि को देखते हुए भोजन नहीं करना चाहिए।
Curry का अर्थ है अधिक मसालेदार व तला हुआ भोजन जो हमारे शरीर के लिये बहुत हानिकारक होता है। सही भोजन के साथ-साथ हमें योग पर भी ध्यान देना चाहिए।
तत्पश्चात् शिविर में आये साधकों ने अपने अनुभव साझा किए।
रेनू शर्मा ने बताया कि उनके पैरों में लगातार सूजन बनी रहती थी दबाईयों से कोई फर्क नहीं पड़ा योग के माध्यम से विल्कुल सही हो गया। नैंसी ने बताया उन्हें वचपन से ही श्वास लेने में दिक्कत होती थी,योग के माध्यम से सही हूँ। प्रतिमा अग्निहोत्रि कहती हैं योग से मेरी दशा व दिशा दोनो बदल गई हैं शिविर से पहले नीचे बैठ नहीं पाती थी अब कुछ देर तक बैठ सकती हूँ।
संतराम स्कूल के प्रधानाचार्य ने कहा अब प्रतिदिन योग करूंगा।
सेना से सेवानिवृत सतीश शर्मा ने बताया बहुत ठंडे स्थानों में पोस्टिंग के कारण व पैराशूट से जंप के दौरान कमर में समस्या हो गई थी, लेकिन जब से योग कर रहा हूँ स्वस्थ हूँ।
अन्त में भारतीय योग संस्थान पीलीभीत के प्रधान व पूर्वी उत्तर प्रदेश के उप प्रधान सीए संजय अग्रवाल जी ने निष्काम कर्म की भूमिका के बारे में कहा कि जिसमें सभी का हित हो वह निष्काम कर्म है। हमारे संस्थान का उददेश्य सर्वे भवन्तु सुखिना सर्वे सन्तु निरामया है। योग एवम ध्यान से मस्तिस्क को संतुलित करने में सहायता मिलती है जो अंततः भोजन को पचाने में सक्रिय भूमिका निभाती है।

जिला मंत्री अनिल मैनी ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए सभी के स्वस्थ् होने की कामना की। अन्त में संगठन मंत्री मोहित अग्रवाल ने सबका धन्यबाद करते हुए अमृत पेय व प्रसाद ग्रहण करने का आग्रह करते हुए आज के शिविर का समापन किया।

शिविर में लगातार पांचों दिन आने वाले लगभग 75 शिविरार्थियों को उनकी रेजिस्ट्रेशन शुल्क ₹ 100-00 की नए नोट से वापसी की गई।

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