जानें मंकी पॉक्स के बारे में सबकुछ।

Monkeypox Alert in UP: दुनिया भर में कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं. अभी कोरोना वायरस खत्म भी नहीं हुआ था कि पूरी दुनिया की चिंता मंकीपॉक्स वायरस ने बढ़ा दी है.

इसके खतरे को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने अलर्ट जारी किया है. इसके तहत विदेश की यात्रा से लौटकर आए लोगों पर नजर रखने का फैसला किया गया है. इस बाबत यूपी सरकार ने संबंधित विभागों को आदेश दे दिए हैं.

कैसे फैलता है ‘मंकीपॉक्स’ ?

असोसिएशन ऑफ इंटरनेशनल डॉक्टर्स के महासचिव डॉ अभिषेक शुक्ला ने बताया कि, ‘मंकीपॉक्स के अधिकांश रोगियों ने बुखार, चकत्ते और लिम्फ नोड्स में सूजन की सूचना दी है और यह संदेह है कि यह एक आदमी से दूसरे आदमी में बड़ी श्वसन बूंदों के माध्यम से संचारित होता है. हालांकि राहत की बात ये है कि 22 मई तक भारत में मंकीपॉक्स का कोई भी मामला नहीं आया था, लेकिन अभी सतर्क रहने की जरूरत है.’

मंकीपॉक्स के लक्षण 4 हफ़्तों तक रहते है

उन्होंने बताया कि मंकीपॉक्स एक स्व-सीमित बीमारी है और इसके लक्षण चार सप्ताह तक रह सकते हैं. अभी तक यूके, यूएस, यूरोप, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में इसके मरीज मिले हैं. यह संक्रमण 7 से 14 दिन तक रहता है, लेकिन कई केस में 21 दिनों तक भी रह सकता है.

आइसोलेशन में रहना जरूरी

सरकार ने स्वास्थ्य अधिकारियों को मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का पालन करने का निर्देश दिया है. एक वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि, “मंकीपॉक्स के संदिग्ध मरीजों को तब तक आइसोलेशन में रहने की जरूरत है जब तक कि रैशेज वाली जगह पर नई त्वचा न निकल जाए या डॉक्टर आइसोलेशन खत्म करने की सलाह न दें. राज्य के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को सरकार की तरफ से भेजे गए परामर्श में कहा गया है कि, ‘जो लोग किसी मरीज के संपर्क में आए हैं, उनकी 21 दिनों की अवधि तक जांच की जाए.’

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